शेर और साधु-story
शेर और साधु
एक बार एक साधु जंगल से गुज़र रहे थे। जंगल में उनके किसी के जोर से करहाने की आवाज़ आई। उन्हें आवाज़ की दिशा में जाकर मालूम पड़ा कि एक शेर का पाँव शिकारी के पँजे में फँसा हुआ था।साधु महात्मा जानते थे शेर बहुत ख़तरनाक़ जीव होता हैं,परन्तु उन्हें उस पर दया भी आ रही थी। इसलिए उन्होंने शिकारी के पंजे से उस शेर को आज़ाद करवा दिया, परन्तु शेर ने आज़ाद होते ही उस साधु को खा लिया।
शिक्षा - दुष्ट कभी अपनी प्रवर्ति नहीं छोड़ते,आप उनका कितना ही भला कर लो वो आपका बुरा ही करेंगे।
लेखक-रितेश गोयल 'बेसुध'


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